देहरादून, 29 जुलाई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने गुरुवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का दौरा कर राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार कर्नल संजीव कुमार शाही ने उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना करते हुए इसे देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व चेतावनी प्रणाली, संस्थागत समन्वय तथा तकनीक आधारित आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया जा सकता है।
बैठक के दौरान यूएसडीएमए द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं और राज्य में हाइड्रोमेट नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा की गई। कर्नल शाही ने कहा कि सटीक एवं समयबद्ध पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने में यह नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर झीलों से बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) बड़ी चुनौती बन सकता है। इससे निपटने के लिए ग्लेशियर झीलों की निरंतर निगरानी, प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली और समय पर निकासी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में एनडीएमए की ओर से हरसंभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग का आश्वासन भी दिया।
बैठक में राज्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की वर्तमान क्षमता एवं संसाधनों की भी समीक्षा की गई। संयुक्त सलाहकार ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा संवेदनशीलता को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दोनों बलों की क्षमता और संख्या बढ़ाने पर विचार करने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, क्षमता विकास, सामुदायिक सहभागिता, हाइड्रोमेट नेटवर्क विस्तार, तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली तथा राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की जानकारी दी।
बैठक में एनडीआरएफ के नोडल अधिकारी लल्लन कुमार, एसीईओ (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, एसीईओ (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी, अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट, एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, अग्निशमन विभाग के उपनिदेशक एस.के. राणा, डॉ. शांतनु सरकार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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