जोशीमठ। जोशीमठ और औली क्षेत्र की पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर औली रोपवे के शीघ्र पुनः संचालन की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि जोशीमठ-औली रोपवे केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पर्यटन जीवनरेखा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि एशिया के सबसे लंबे रोपवे में शामिल जोशीमठ-औली रोपवे पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है और इसके पुनः संचालन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट समय-सीमा घोषित नहीं की गई है। वर्ष 2023 की आपदा और भू-धंसाव के बाद जोशीमठ क्षेत्र को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ा, जिससे होटल व्यवसाय, होमस्टे, टैक्सी संचालन, स्की प्रशिक्षक, गाइड और पर्यटन से जुड़े हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि रोपवे के बंद रहने से औली आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है तथा क्षेत्र तक सुगम पहुंच भी प्रभावित हुई है। आगामी पर्यटन और शीतकालीन खेल सत्र को देखते हुए रोपवे का जल्द संचालन अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि रोपवे के सुधारीकरण एवं सुरक्षा कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं तथा इसके पुनः संचालन के लिए स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि सरकार के सकारात्मक प्रयासों से इस महत्वपूर्ण पर्यटन धरोहर का शीघ्र पुनर्जीवन होगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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