गोपेश्वर, 01 अगस्त। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के स्ववित्तपोषित बीएड विभाग द्वारा शुक्रवार को “अपणू खाणू, अपणू लगाणू, अपणू संस्कृति–अपणी पछयांण” थीम पर पहाड़ी फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण, संवर्द्धन और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा।
फूड फेस्टिवल में बीएड प्रथम सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों ने व्यवसायिक संवर्द्धन पाठ्यक्रम (ईपीसी) के अंतर्गत विभिन्न पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाए। प्रतिभागियों ने स्थानीय अनाज और जैविक खाद्य पदार्थों से तैयार व्यंजनों का प्रदर्शन करते हुए उनकी पौष्टिकता और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम.पी. नगवाल ने फूड फेस्टिवल के पांचों स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी व्यंजनों को संरक्षित करने के साथ-साथ उनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी आवश्यक है। ऐसे आयोजन युवाओं में पारंपरिक खानपान के प्रति रुचि बढ़ाने और स्थानीय खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्ववित्तपोषित बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत यादव ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय खाद्य विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. नाभेंद्र, डॉ. बबीता, डॉ. रूपिन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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