चमोली। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले चमोली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एकजुटता ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है। लंबे समय से चली आ रही मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। एक महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दे को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष से लेकर जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व प्रमुख और जिला पंचायत उपाध्यक्ष तक के नेताओं का एक साथ आगे आना आने वाले चुनाव से पहले क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर भाजपा की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष चमोली में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग प्रमुखता से रखी। नेताओं ने कहा कि सीमांत और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले चमोली जिले में गंभीर मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार के लिए ऋषिकेश, देहरादून सहित मैदानी क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। कई दूरस्थ क्षेत्रों से उपचार के लिए करीब 300 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने से स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और रोजगार पर जोर
भाजपा नेताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज केवल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलने से पलायन रोकने में भी मदद मिल सकती है।
नेताओं ने कहा कि चमोली एक महत्वपूर्ण सीमांत जनपद है, जहां बड़ी संख्या में युवा सेना में सेवाएं देकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। ऐसे में उनके परिवारों सहित पूरे जिले को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण आवश्यकता है। सड़क दुर्घटनाओं और अन्य हादसों की स्थिति में समय पर विशेषज्ञ उपचार और ट्रॉमा सुविधाएं उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही चर्चा में
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, नगर पालिका परिषद गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप सिंह रावत, पूर्व प्रमुख एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नंदन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णमणि थपलियाल और पूर्व बदरी-केदार मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर सिंह पंवार शामिल रहे।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के इन वरिष्ठ नेताओं का एक स्थानीय और लंबे समय से लंबित मुद्दे पर एकजुट होकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि नेताओं ने इस पहल को चमोली की स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ते हुए मेडिकल कॉलेज की मांग को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि चमोली की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्र की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में शासन स्तर पर ठोस पहल की जाए। नेताओं ने कहा कि स्थानीय जनता मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि सहित हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।
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