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मुख्यमंत्री के गोपेश्वर दौरे के बाद बैनर-पोस्टर हटाने पर विवाद, प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए आरोप, नगर पालिका ने बताया नियमानुसार कार्रवाई

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चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 15 जुलाई को गोपेश्वर दौरे के बाद बैनर-पोस्टर हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत ने गोपेश्वर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत पर उनके स्वागत संबंधी बैनर-पोस्टर हटवाने का आरोप लगाया है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई नगर पालिका की होल्डिंग नीति के तहत नियमानुसार की गई है।

प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत का कहना है कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए उनके द्वारा भी गोपेश्वर नगर क्षेत्र में बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। उनका आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश पर कर्मचारियों और अन्य लोगों के माध्यम से रात के समय उनके पोस्टर हटवा दिए गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस संबंध में पुख्ता जानकारी मिली है।

योगिता कैंतुरा रावत ने इस पूरे घटनाक्रम को “छोटी सोच की राजनीति” करार देते हुए कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष का पद एक सम्मानित और गरिमामय पद है तथा ऐसे कार्य उस पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात रखने और स्वागत करने का अधिकार है।

इधर, गोपेश्वर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पोस्टर फ़ाड़े नहीं गए है बल्कि नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी प्रकार के होर्डिंग, बैनर अथवा पोस्टर लगाने के लिए पूर्व अनुमति लेना और निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि संबंधित पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए थे, इसलिए नगर पालिका की होल्डिंग नीति के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि इस कार्रवाई का किसी व्यक्ति या राजनीतिक उद्देश्य से कोई संबंध नहीं है।