गोपेश्वर। भगवान रुद्रनाथ की डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर पहुंचने के वापसी मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब सहमति के साथ सुलझ गया है। बुधवार, 14 अक्टूबर को गोपीनाथ मंदिर प्रांगण में श्री रुद्रनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और ग्राम सभा ग्वाड़ के जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में डोली यात्रा को लेकर तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य पुजारी के सहमति के साथ बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 17 अक्टूबर को भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद 18 अक्टूबर को सुबह चार बजे डोली रुद्रनाथ धाम से प्रस्थान करेगी। डोली जाख देवता मंदिर होते हुए ग्राम देवलधार स्थित ज्वाल्पा माता मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
वहीं, डोली की वापसी यात्रा के दौरान ग्राम ग्वाड़ के स्कूली बच्चे पुष्पवर्षा कर भगवान रुद्रनाथ का स्वागत करेंगे। इसके बाद 19 अक्टूबर को डोली देवलधार से रवाना होकर भगवान के शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर पहुंचेगी।
सभी गांवों का लिया जाएगा सहयोग
डोली के वापसी मार्ग को लेकर बनी सहमति के बाद मंदिर समिति ने स्पष्ट किया कि डोली यात्रा पर किसी एक गांव का एकाधिकार नहीं होगा। इस ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के निर्वहन में सभी संबंधित गांवों का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णयों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इससे डोली यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का रास्ता साफ हुआ है।
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