चमोली। चमोली जिले के मैठाणा में संस्कृत में आयोजित होने वाली रामलीला का रविवार रात्रि को विधिवत शुभारंभ हो गया है।
ग्राम प्रधान ज्योति देवी व क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर लीला का आगाज किया। रामलीला को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ ही चमोली जिले के लोगों में उत्साह बना हुआ है। जिले में जहां इन दिनों रामलीला का गांवों में बड़ी संख्या में आयोजन किया जा रहा है, वहीं मैठाणा गांव में संस्कृत के संवादों में होने वाली लीला का रविवार को आगाज हो गया है। लीला के प्रथम दिन यहां लीला मंचन में लंकापति रावण अपने भाई कुम्भकरण और विभीषण के साथ ब्रह्म देव की तपस्या करता है। जिस पर ब्रहम देव प्रकट होकर रावण को अमरता, कुम्भकरण को छह माह की निंद्रा और विभिषण का नारायण भक्ति का वरदान देते हैं। वरदान पाकर रावण की ओर ऋषि-मुनियों पर अत्याचार शुरु कर दिया जाता है। देवऋषि नारद के कहने पर लंकापति रावत कैलाश के लंका लाने पहुंचता है। यहां जब वह कैलाश को उठाने का प्रयास करता है तो क्रोधित भगवान शिव रावण को मानव, कपि और रीछ के हाथों से लंका और उसके विनाश का श्राप देते हैं।
रामलीला कमेटी अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कहा कि रामलीला के आयोजन को लेकर ग्रामीणों, कलाप्रेमियों में खासा उत्साह है। जिससे कमेटी के पदाधिकारी व सदस्यों का आयोजन को लेकर उत्साह दोगुना हो गया है। इस मौके पर कमेटी के सदस्य सुरेंद्र प्रसाद खंडूड़ी, चन्द्रमालेश्वर सती, विमल प्रसाद मैठाणी, महेन्द्र सिंह चैहान, भगवती प्रसाद पुरोहित, मनीष कोठियाल, शशांक राणा,राकेश पुरोहित, राकेश फर्शवाण, अतुल थपलियाल और आदि मौजूद थे।
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