देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका प्रभावी निस्तारण किया जाए। जिन मामलों के समाधान में समय लगना आवश्यक हो, उनमें शिकायतकर्ताओं को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी एवं किशोरी किट वितरित कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा को मजबूत करना, जनभागीदारी बढ़ाना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचे, उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। अभियान के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ ही पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसेवाओं को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान कर जरूरतमंदों को उचित उपचार मिल सके। उन्होंने आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से बहुउद्देशीय शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि लोग अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष रखें और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनता के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जनभागीदारी और सुशासन के माध्यम से विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
शिविर में विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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