**चमोली।** बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार, 14 अक्टूबर से बदरीनाथ धाम में दो घंटे का क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। कर्मचारी बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार पर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अनशन कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। कर्मचारियों ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
अस्थायी कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से बदरीनाथ, केदारनाथ और मंदिर समिति के अधीनस्थ अन्य मंदिरों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी नियमितीकरण और वेतन संबंधी मांगों का समाधान नहीं हो पाया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वन टाइम सेटलमेंट की व्यवस्था लागू करना और समान कार्य के लिए समान वेतन देना शामिल है।
कर्मचारियों के अनुसार, केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान 11 अक्टूबर 2024 को अगस्त्यमुनि में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट और समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था करने की घोषणा की थी। कर्मचारियों का आरोप है कि घोषणा के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
कर्मचारियों ने इससे पहले बदरीनाथ में बीकेटीसी के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की जानकारी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि फिलहाल एक सप्ताह तक शांतिपूर्ण ढंग से प्रतिदिन दो घंटे क्रमिक अनशन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया जा सकता है।
अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर बीकेटीसी प्रबंधन और शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।








